Census 2027:घर बैठे जनगणना का फॉर्म भरने के 8 आसान स्टेप्स, जानें तरीका

भोपाल 

देश की डिजिटल कुंडली यानी जनगणना 2027 का आगाज गुरुवार से हो गया है। इस बार आपको प्रगणक के घर आने और घंटों पूछताछ का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। स्व-गणना के जरिए अब नागरिक खुद पोर्टल पर अपनी और अपने परिवार की जानकारी अपडेट कर सकते हैं। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया में एक यूनिक एसई आईडी सबसे अहम कड़ी होगी, जिसे संभालकर रखना आपकी जिम्मेदारी होगी।

34 सवालों के जवाब और लोकेशन का मैप
ऑनलाइन जनगणना की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इसे तकनीक से जोड़ा गया है। इसमें मोबाइल नंबर और ईमेल पर ओटीपी वेरिफिकेशन के साथ ही गूगल मैप के जरिए घर की सटीक लोकेशन भी दर्ज करनी होगी। परिवार के सदस्यों की शिक्षा, रोजगार और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से जुड़े करीब 34 सवालों के जवाब देने होंगे।

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डिजिटल जनगणना: ऐसे करें खुद का पंजीकरण

चरण प्रकिया

स्टेप 1-2 पोर्टल पर मोबाइल नंबर/ईमेल दर्ज कर ओटीपी से वेरिफिकेशन।

स्टेप 3-4 परिवार के मुखिया का विवरण और गूगल मैप पर घर की लोकेशन।

स्टेप 5-6 सदस्यों की संख्या, शिक्षा, रोजगार और आय से जुड़े 34 सवालों के जवाब।

स्टेप 7-8 जानकारी का प्रीव्यू कर फाइनल सबमिट और 'एसई आइडी' सुरक्षित करना।

क्यों जरूरी है आइडी: मई माह में जब प्रगणक आपके घर सत्यापन के लिए आएगा, तो आपको बस यह आइडी दिखानी होगी।

भूल गए तो क्या होगा: यदि आप आइडी गुम कर देते हैं या नहीं दिखा पाते, तो आपकी ऑनलाइन मेहनत बेकार जाएगी। प्रगणक को दोबारा शुरुआत से आपका डेटा मैनुअल भरना पड़ेगा।

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ग्राउंड जीरो पर तैयारी: प्रगणकों को मिल रही ट्रेनिंग
एक तरफ नागरिक ऑनलाइन डेटा भर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने सत्यापन के लिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की फौज तैयार कर ली है। शहर में आइआइटीटीएम और शिक्षा महाविद्यालय हजीरा में सघन प्रशिक्षण चल रहा है। ग्रामीण इलाकों में तहसील और विकासखंड स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स कर्मचारियों को डिजिटल डेटा हैंडलिंग के गुर सिखा रहे हैं।

30 अप्रैल तक चलेगी स्व-गणना की प्रक्रिया
मध्यप्रदेश में 16 से 30 अप्रैल तक ऑनलाईन स्व-गणना का कार्य होगा। एक से 30 मई तक मकान सूचीकरण होगा। यह प्रक्रिया डिजिटल रूप से होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में जनगणना 2027 की प्रक्रिया के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में आयोजित कार्यक्रम में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व-गणना पोर्टल se.census.gov.in पर प्रारंभिक पंजीकरण कर प्रदेश में स्व-गणना प्रक्रिया का शुभारंभ किया।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों की प्रक्रिया नहीं बल्कि राष्ट्र के भविष्य को सही दिशा देने का महत्वपूर्ण कदम है। इससे हम जान सकेंगे कि विकास की धारा समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सुगमता से पहुंच रही है या नहीं। यह जनगणना हमारी अगली पीढ़ी के उज्जवल भविष्य के लिए है।

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